Sunday, 10 March 2013

सीओ कुंडा ने भेजी थी राजा भैया की हिस्ट्रीशीट

मनीष श्रीवास्तव/लखनऊ | Last updated on: March 10, 2013 1:32 AM IST

up dsp zia ul haque murder
कुंडा के सीओ जियाउल हक ने बीते 5 सितंबर को तत्कालीन जेल व खाद्य मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनके नजदीकी अक्षय प्रताप की हिस्ट्रीशीट आला अफसरों को क्यों भेजी थी?

क्या वे किसी मामले की जांच कर रहे थे?

जांच भी ऐसी जिसमें सरकार के ताकतवर मंत्री और उनके नजदीकी लोगों की हिस्ट्रीशीट नत्थी की गई थी। फिलहाल प्रदेश के डीजीपी से लेकर एडीजी (कानून व्यवस्था) के पास इन सवालों का जवाब नहीं है।

अपने एक होनहार अफसर की हत्या के हफ्ते भर बाद भी वरिष्ठ अफसर नहीं बता सके कि क्या सीओ किसी ऐसे मामले की जांच कर रहे थे जिसे लेकर उनकी जान को गंभीर खतरा होने की आशंका थी?

लेकिन सीओ की हत्या के बाद से ही उनकी पत्नी परवीन आजाद बार-बार दोहरा रही हैं कि वह अपने ऊपर किसी खतरे का अंदेशा जता रहे थे।

उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व मंत्री राजा भैया का नाम भी लिया है। सीबीआई की पूछताछ में सीओ के गनर ने भी इस ओर इशारा किया है कि जियाउल हक अपने सरकारी आवास में रहते हुए बेहद सतर्क और सावधान रहते थे, उन्हें किसी अनिष्ट की आशंका रहती थी।

सीओ की ओर से 5 सितंबर, 2012 को अपने अफसरों को भेजी रिपोर्ट में बताया गया है कि राजा भैया पुत्र उदय प्रताप सिंह, निवासी बेंती, थाना हथिगवां पर कुल 47 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 23 मुकदमे कुंडा थाने में, आठ मुकदमे हथिगवां थाने में, पांच मुकदमे नवाबगंज थाने में दर्ज हैं।

इनमें कई मुकदमे हत्या जैसे गंभीर मामलों के भी हैं। वहीं पूर्व मंत्री के नजदीकी एमएलसी अक्षय प्रताप पर कुल 28 मुकदमे बताए गए हैं। उन पर भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इस हिस्ट्रीशीट को सीओ ने खुद अपने हस्ताक्षर करके भेजा था।

क्या सीओ की रिपोर्ट से राजा भैया पर गिरी गाज

सवाल उठ रहे हैं कि क्या सीओ की यह रिपोर्ट प्रतापगढ़ से आगे बढ़ी ही नहीं या पुलिस मुख्यालय को भेजी ही नहीं गई। विभागीय सूत्रों का दावा है कि सीओ की रिपोर्ट ऊपर तक तो पहुंची लेकिन आधिकारिक रूप से उस पर कार्रवाई के बजाय कुछ कदम उठाए गए। माना जा रहा है कि राजा भैया से जेल महकमा वापस लेने का संबंध इस रिपोर्ट से भी है।

कोई जांच रिपोर्ट नहीं भेजी सीओ ने
दिवंगत सीओ कुंडा जियाउल हक द्वारा कोई जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को नहीं भेजी गई है। अगर कोई हिस्ट्रीशीट तैयार की गई है तो यह जिला स्तर पर की गई होगी। पुलिस मुख्यालय या पुलिस प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
अरुण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था)

ऐसी किसी जांच की सूचना नहीं
सीओ जियाउल हक कुंडा में पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई जांच कर रहे थे, इसकी कोई जानकारी स्थानीय पुलिस ने नहीं दी है। पूर्व मंत्री के खिलाफ उन्होंने शासन को कोई रिपोर्ट भी नहीं भेजी है। यह हिस्ट्रीशीट किसका हिस्सा है? इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
आरके विश्वकर्मा, पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था)

No comments:

Post a Comment